अपडेशन तिथि: 19-Apr-2024    आगंतुक संख्या: 18348    IVRS हिट: 0
QMS हिट: 0
एस.आई.एस.

कृषक टेलीफ़ोन पूछताछ सुबिधा (IVRS Interactive Voice Response System) चीनी मिल परिसर मे टेलीफ़ोन इंकयावरी सेवा की स्थापना (रेलवे इंकयावरी की तर्ज पर) की गई है, जिसके माध्यम के टेलीफ़ोन पर ही गन्ना मूल्य भुगतान, पर्ची, सर्वे / सट्टा , बैंक खाता इत्यादि की जानकारी किसान भाई अपने फोन पर ही प्राप्त कर सकते है। डायल किया जाने वाला मोबाइल नंबर :- 7544010982 जानकारी प्राप्त करने के लिए उपरोक्त नंबर डायल करें तथा फोन पर दिये जा रहे निर्देशों का पालन करें । 1. फोन लाइन मिलने पर सबसे पहले स्वागत मैसेज आयेगा । 2. अपना ग्राम कोड डायल करें तत्पश्चात हेस (#) दबाये फिर किसान कोड दबाये फिर हेस(#) दबाये। उदाहरण के लिए यदि ग्राम कोड 101 है और कृषक कोड 15 है तो इस प्रकार बटन दबाये (ग्राम कोड 101# किसान कोड 15#) • सर्वे से संबन्धित जानकारी के लिए 1 दबाएँ। • सट्टे से संबन्धित जानकारी के लिए 2 दबाएँ। • कलेंडर से संबन्धित जानकारी के लिए 3 दबाएँ। • समिति पर्ची से संबन्धित जानकारी के लिए 4 दबाएँ। • लोन से संबन्धित जानकारी के लिए 5 दबाएँ। • पेमेंट्स से संबन्धित जानकारी के लिए 6 दबाएँ। • पुनः सभी जानकारी के लिए 0 दबाएँ। 4. जिस संबंध मे जानकारी चाहिए, अपने फोन मे वही नंबर दबाने से सिस्टम उस नंबर से संबन्धित समस्त जानकारी से आपको अवगत करायेगा। उपरोक्त के अतिरिक्त आप सभी को सर्वे,सप्लाइ टिकट एवं गन्ना मूल्य भुगतान से संबन्धित सूचनाये आपके मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) के द्वारा भेजी जायेगी ।

  • 2. एस0 एम0 एस0 प्रणाली एस0 एम0 एस0 प्रणाली के अंतर्गत गन्ना किसानो को संबन्धित चीनी मिल मे अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराना होता है । समय - समय पर मिल द्वारा किसानो को निर्गत होने वाली सप्लाइ टिकट, गन्ना वजन, गन्ना भुगतान और अन्य संबन्धित सूचनाए पंजीकृत मोबाइल पर भेजा जाता है । यह प्रणाली भी बैंको द्वारा लेन व देन के समय मोबाइल पर भेजी गई सूचनाओ की ही तर्ज पर कार्य करता है । आप सभी को सर्वे, सप्लाई टिकट एवं गन्ना मूल्य भुगतान से सम्बन्धित सूचनाएं आपके मोबाईल पर एस०एम०एस० के द्वारा भेजी जा रही हैं. आप स्वयं भी एस०एम०एस० भेजकर उपरोक्त समस्त सूचनाएं आसानी से प्राप्त कर सकते हैं ! एस०एम०एस० करने का तरीका - किसान भाई अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से एक रिक्त(blank message) QMS no. पर भेजे.कृषक सम्बन्धी जानकारी हेतु M (एम) लिखकर भेजें ! सर्वे सम्बन्धी जानकारी हेतु S (एस) लिखकर भेजें ! गन्ने की अनुबंधित मात्रा (सट्टा) सम्बन्धी जानकारी हेतु B (बी) लिखकर भेजें ! कैलेंडर सम्बन्धी जानकारी हेतु C (सी) लिखकर भेजें ! सप्लाई टिकेट की जानकारी हेतु T (टी) लिखकर भेजें ! गन्ना आपूर्ति की मात्रा की जानकारी हेतु R (आर) लिखकर भेजें ! भुगतान सम्बन्धी जानकारी हेतु P (पी) लिखकर भेजें ! कृषकों की सुविधा के लिए प्रसारित
  • 3. जी0 पी0 एस0 प्रणाली जी0 पी0 एस0 का मतलब है सार्वभौमिक स्थिति प्रणाली। यह प्रणाली अन्तरिक्ष पर आधारित है। यह पृथ्वी पर कही भी और किसी भी मौसम मे समय व स्थिति के बारे मे सूचना उपलब्ध कराती है । इस प्रणाली द्वारा क्षेत्रफल की गणना करने के तरीके मे प्लॉट के चारो कोनो मे घड़ी की सुई की दिशा या घड़ी की सुई की विपरीत दिशा मे घूमकर हर कोनो पर बटन दबाकर उपग्रह की सहायता से कोर्डिनेट्स प्राप्त कर लेते है । जी0 पी0 एस0 प्रणाली मे इन कोर्डिनेट्स की सहायता से क्षेत्रफल की गणना स्वतः हो जाती है। इस वर्ष गन्ना सर्वेश्रण हेतु 1 जी0 पी0 एस0 मशीन द्वारा गन्ना सर्वेश्रण कार्य मैनुअल सर्वे के साथ ट्रायल के आधार पर ग्रामों में सम्पन्न कराया गया, जिसमें मैनुअल सर्वे एवं जी0 पी0 एस0 द्वारा किये गये प्लाटवार्/ग्रामवार में लगभग 3 से 5 प्रतिशत् का अन्तर पाया गया। इस प्रणाली का प्रयोग आने वाले समय में गन्ना सर्वेश्रण कार्य् को सम्पादित करने में मदद मिलेंगी।
  • 4. एच0 एच0 सी0 एच0 एच0 सी0 का अर्थ है हैंड हेल्ड कम्प्युटर । यह कम्प्युटर छोटा व हल्का होता है इसको बहुत ही सरलता से एक स्थान से दूसरे स्थान को लाया जा सकता है । बनावट मे यह मोबाइल जैसा ही होता है किन्तु इसका आकार व भार कुछ अधिक होता है गन्ना मिलो द्वारा इसका प्रयोग गन्ना सर्वे एव क्रय केंद्र पर गन्ना तौल के लिये किया जा रहा है। इस प्रणाली के द्वारा गन्ना कृषको को हाथ से लिखी रसीद की जगह कम्प्युटर प्रिंटेड रसीद दी जा रही है और तौल डाटा सीधे मिल के कम्प्युटर मे फीड हो रहा है । इस प्रणाली द्वारा चीनी मिल के क्रय केन्द्रों का कम्प्यूटरीकरण किया गया जिससे गन्ना किसानों को हस्तलिखित पर्ची के स्थान पर कम्प्यूटर प्रिन्टेड पर्ची उपलब्ध करायी गयी जिससे किसानों का चीनी मिल पर विश्वास दृढ़ हुआ एवं भुगतान प्रक्रिया में भी सरलता आयी इस वर्ष 28 क्रय केन्दों में से 28 क्रय केन्द्रों पर इस प्रणाली का प्रयोग किया जा रहा है । इस प्रणाली से किसान एवं चीनी मिल दोनो ही लाभान्वित हुये हैं।